भारत में आरक्षण नीति पर सोशल मीडिया पर नया बवाल शुरू हो गया है। ‘रिजर्वेशन हटाओ’ अभियान के तहत जेन-ज़ी पीढ़ी अब जाति आधारित आरक्षण को चुनौती दे रही है।
- विरोधियों का तर्क: आरक्षण से मेधा को दरकिनार किया जा रहा है।
- समर्थकों का तर्क: सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण आज भी अनिवार्य है।
यह बहस अब देश के भविष्य और संविधान पर नया मोड़ ले चुकी है।