भारत में आरक्षण नीति पर फिर घमासान! सोशल मीडिया पर ‘रिजर्वेशन हटाओ’ अभियान ने नई बहस छेड़ दी है।
- जेन-ज़ी युवाओं का तर्क: जाति नहीं, आर्थिक आधार पर मिले मदद।
- विरोधियों का दावा: मेधा का हो रहा अपमान।
- समर्थकों का रुख: सामाजिक समानता के लिए आरक्षण आज भी अनिवार्य।
क्या भविष्य में बदलेगा आरक्षण का स्वरूप? डिजिटल दुनिया में यह मुद्दा बन गया है हॉट टॉपिक!