सुप्रीम कोर्ट ने लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब अदालती कार्यवाही के दौरान ‘मेंशनिंग’ या अर्जेंट सुनवाई की अर्जी के वक्त ऑडियो पूरी तरह म्यूट रहेगा।
- आम जनता वीडियो तो देख पाएगी, लेकिन बातचीत नहीं सुन सकेगी।
- इसे न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को अलग करने की कोशिश माना जा रहा है।
- यह बदलाव पारदर्शिता और निजता के बीच संतुलन बनाएगा।