लोकसभा में प्रियंका गांधी की ‘गोमूत्र विशेषज्ञ’ वाली टिप्पणी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। 215 शिक्षाविदों ने इसे आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी का अपमान बताया है।
- शिक्षाविदों का तर्क: व्यक्तिगत हमले लोकतांत्रिक बहस के खिलाफ हैं।
- कामकोटी की साख: वे एक प्रख्यात कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं।
क्या विरोध का तरीका गलत था? यह बयान अब शिक्षा जगत और राजनीति के बीच बड़ी बहस बन गया है।