भारत के तेजस मार्क-1A प्रोजेक्ट के लिए अच्छी खबर है, GE ने इंजन सौंप दिए हैं। लेकिन, सिर्फ इंजन मिलने से विमान तैयार नहीं होगा। अब असली चुनौती राडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और विदेशी कलपुर्जों के बीच तालमेल बिठाने की है। HAL को अभी तकनीकी बाधाएं पार करनी हैं। अगर सब कुछ सही रहा, तो 2027 तक भारतीय वायुसेना को पहली स्क्वाड्रन मिल सकती है।
तेजस मार्क-1A: इंजन आया, पर देरी क्यों?
भारत के तेजस मार्क-1A प्रोजेक्ट के लिए अच्छी खबर है, GE ने इंजन सौंप दिए हैं। लेकिन, सिर्फ इंजन मिलने से विमान तैयार नहीं होगा। अब असली चुनौती राडार, इलेक्ट्रॉनिक…