सोशल मीडिया पर ‘रिजर्वेशन हटाओ’ आंदोलन ने नई बहस छेड़ दी है। जेन-जी पीढ़ी अब जातिगत आरक्षण के खिलाफ लामबंद हो रही है।
- आंदोलनकारियों की मांग: आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर मिले मदद।
- विरोधियों का तर्क: सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण आज भी जरूरी।
क्या यह बदलाव का समय है? ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर छिड़ी इस जंग ने देश को दो ध्रुवों में बांट दिया है।